Income Tax Slab: कर्मचारियों के लिए खुशखबरी! 12 लाख की कमाई पर नहीं देना होगा टैक्स

Income Tax Slab: टैक्स करदाताओं के लिए बड़ी खबर सामने आई है, दिसंबर के बाद अब नया वित्तवर्ष 2022-23 (FY 2022-23) 1 अप्रैल से शुरू हो जाएगा, जिसमे वित्त मंत्री निमला सीतारमण 1 फरवरी को नए वित्त वर्ष का बजट पेश करेंगी। इससे पहले वित्त मंत्री द्वारा फरवरी में वित्त वर्ष 2022 का बजट पेश किया गया था, इस बजट से नौकरी पेशा लोग इनकम टैक्स स्लैब (Income Tax Slab) को लेकर काफी उम्मीदें लगाए बैठे थे, लेकिन इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया, जिससे नौकरी पेशा करदाताओं को काफी निराशा हुई, लेकिन अगर आप थोडी प्लानिंग करें तो टैक्स सेविंग कर सकते हैं।

इसके लिए आपको साल शुरू होने के साथ-साथ प्लानिंग शुरू कर देनी चाहिए जिससे अगर आप सैलरी, ऑप्टिमाइज करते हैं, सारे एग्जेम्पशन (All Exemptions) और डिडक्शन (Tax Deduction) करते हैं तो आप अपने 12 लाख रूपये तक की सैलरी पर भी टैक्स बचा सकते है, इससे आपको 12 लाख रूपये की सैलरी तक कोई टैक्स नहीं देना होगा, तो चलिए हम आपको बताते हैं टैक्स बचाने से संबंधित सम्पूर्ण जानकारी।

ऐसे बचा सकते हैं HRA से टैक्स

जैसा की नौकरी के दौरान कई बार आपको एक शहर से दूसरे शहर जाना पड़ता है, जहाँ आपको किराए पर घर लेकर रहना होता है। ऐसे में कंपनी की तरफ से आपको दिए जाने वाले हाउस रेंट अलाउंस (HRA) पर सरकार टैक्स पर छूट देती है, यह छूट कितनी होगी इसे लेकर कोई नियम नहीं है, ऐसा इसलिए क्योंकि एचआरए में मिलने वाली छूट पर ही हर कोई सारी सैलरी लगा देंगे। एचआरए में आपको तीन अंक कैलकुलेट करने होंगे और इसमें जो भी सबसे कम होगा, उस पर ही आपको टैक्स में छूट मिलेगी।

  • चिल्ड्रन एजु केशन और हॉस्टल अलाउंस – इस अलाउंस में आपको अधिक छूट नहीं मिलती, लेकिन आपको कोई भी टैक्स नहीं छोड़नी चाहिए, चिल्ड्रन एजु केशन और हॉस्टल अलाउंस का फायदा उन्हें मिलता है जिनके बच्चे स्कूल में पढ़ रहे हैं या वह हॉस्टल में रहकर पढ़ाई करते हैं, इन दोनों के लिए आपको कुल 9,600 रूपये तक का टैक्स छूट मिलती है।
  • रीइंबर्समेंट क्लेम (Reimbursement Claim) – कई लोग रीइंबर्समेंट को केवल अनुपयोगी समझकर इस पर ध्यान नहीं देते Reimbursement (नियमित रूप से प्रीमियम भरकर आप जरुरत के वक्त कैशलेस इलाज ले सकते हैं) क्योंकि उन्हें तमाम तरह के बिल बटोरकर और उसे जोड़कर एचआर को देने से बेहतर वहां से पैसे स्पेशल अलाउंस की तरह सैलरी में लेना अधिक फायदेमंद लगता है, लेकिन ऐसा नहीं है आप इस सोच को बदलकर रीइंबर्समेंट को जरूर क्लेम करें क्योंकि इससे आपका बहुत सारा टैक्स बच सकता है, इसके तहत आप अपने बिजनेस के लिए किए गए खर्च जैसे इंटरनेट बिल, फ्यूल बिल आदि को भी क्लेम कर सकते हैं।

जाने मिलती है कौन-कौन सी डिडक्शन

  • आपको बता दें सबसे सबसे फेल हर नौकरीपेशा को 50 हजार रूपये का स्टाइपेंड डिडक्शन मिलता है, इसके लिए आप अपने सैलरी में से 50 हजार रूपये को कम कर दीजिए।
  • इसके बाद बात करें Income Tax Act 80C की तो इसके तहत आप 1.5 लाख रूपये तक की सेविंग क्लेम कर सकते हैं, इसमें आपको ट्यूशन फी, एलआईसी (LIC), सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) म्युचुअल फंड (ELSS) या होम लोन का मूलधन आदि क्लेम कर सकते हैं।
  • अब बात करते हैं 80 CCD के तहत एनपीएस में निवेश पर मिलने वाले डिडक्शन की, जिसमे निवेश पर आपको 50 हजार रूपये का अतिरिक्त डिडक्शन मिलता है।
  • आयकर की धरा 80D के में आप अपने बच्चे-पत्नी और माता-पिता के लिए हेल्थ इंश्योरेंस का प्रीमियम क्लेम करा सकते हैं, जिसमे बच्चे-पत्नी के लिए आप 25 हजार रूपये और माता-पिता के लिए 50 हजार रूपये तक के हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम पर टैक्सस छट पा सकते हैं।
  • आपको होम लोन और इलेक्ट्रिक व्हीकल के लोन पर अलग-अलग शर्तों के अनुसार 1.5 से 2 लाख रुपए तक के ब्याज पर टैक्स में छूट मिल सकती है।
  • बचत खाता (Saving Account) और एफडी पर मिले ब्याज पर भी आप 10 हजार रूपये तक के टैक्स पर छूट पा सकते हैं, वहीँ वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह छूट 50 हजार रूपये तक है।
  • इसके साथ ही 5000 रूपये पर टैक्स छूट आप प्रेवेंटिव हेल्थ चेकअप करवाकर पा सकते हैं।

समझिए इसकी कैलकुलेशन

  • सबसे पहले आप सार एग्जेम्पशन को अपनी सैलरी से घटा दें।
    अगर आपकी सैलरी 12 लाख है तो उसमे 50 हजार रूपये का Standard Deduction हटा दें (12,000,00-50000= 11,50000)
  • इसके बाद आप 11.50 हजार रूपये की सैलरी बचेगी, इसमें 80C के अंतर्गत 1.50 लाख की टैक्स छूट ले लें (1150000-150000= 10,000,00)
  • यदि आप 13000 से 15000 रूपये रेंट देते हैं तो आप कम से कम 1,50,000 रूपये तक एचआरए क्लेम कर सकते हैं।
  • अब टैक्सेबल सैलरी हो जाएगी 8.5 लाख रूपये इसमें कंपनी से एलटीए लें और करीब 80 हजार रूपये डिडक्शन पाएं। (850000 – 80000 = 770000)
  • अब आपको 20000 रूपये फोन और इंटरनेट बिल पर मिल जाएंगे यानी इससे आप टैक्सबल सैलरी 7.7 को कम कराएंगे तो आपकी टैक्सेबल इनकम 7.5 लाख रूपये बचेगी (770000 – 20000 = 750000)
  • अब आपको 26400 रूपये मील कूपों की टैक्स मिलेगी (750000-26400 = 723600)
  • अगर आप पति-पत्नी और दो बच्चों के लिए 10 लाख का फैमिली फ्लोटर प्लान लेते हैं तो आपको करीब 20 हजार रूपये और यदि माता-पिता के लिए 10-10 लाख का प्लान लेते हैं तो उसमे उम करीबी 25-30 हजार रूपये से भी ऊपर खर्च करने होंगे।
  • इससे आपि टैक्सेबल सैलरी हो जाती है करीब 6,73,600 रूपये। इसमें कंपनी की तरफ से मिलने वाला रीइंबर्समेंट, करीब 1.6 लाख रूपये (6,73,600-160000 = 513,600)
  • अब आपको केवल 136000 रूपये का इंतजाम करना है, इसके लिए 9600 तक चिल्ड्रन एजुकेशन और हॉस्टल अलाउंस को मिलाएं तो आपकी सैलरी 5,04,000 रहेगी।
  • अब 4 हजार रूपये एनपीएस में निवेश कर दें जो आपके रिटारयमेंट में काम आएगी। .
  • सरकार की तरफ से 5 लाख रूपये तक की टैक्सेबल सैलरी वालों को 2.5 लाख तक पर टैक्स रिबेट दी जाती है, यानी आपका टैक्स हो गया जीरो।

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